मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना - आवेदन, इंस्टॉलमेंट, योग्यता
योजना क्या है
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना बिहार सरकार की आवास योजना है, जिसे ग्रामीण विकास विभाग चलाता है। यह 2018 में शुरू हुई थी। इसका मकसद उन ग्रामीण परिवारों तक पहुंचना है जो किसी न किसी वजह से केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सूची से छूट गए, या जिनका पुराना सरकारी आवास अब रहने लायक नहीं बचा।
| शुरुआत | वर्ष 2018 |
| चलाने वाला विभाग | ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार |
| सहायता राशि | ₹1,20,000, और IAP जिलों में ₹1,30,000 |
| घर का न्यूनतम आकार | 25 वर्ग मीटर, रसोई घर सहित |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन, प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय से |
क्या क्या मिलता है
इसमें सिर्फ निर्माण की राशि नहीं मिलती। कुछ और लाभ भी साथ जुड़े हुए हैं, जो अलग मदों से आते हैं।
निर्माण सहायता
घर बनाने के लिए मुख्य राशि, जो तीन किश्तों में सीधे आधार से लिंक बैंक खाते में DBT से आती है।
कमरा और रसोई
कम से कम 25 वर्ग मीटर का आवास, जिसमें रहने का कमरा और एक स्वच्छ रसोई घर बनाना अनिवार्य है।
मजदूरी
जॉब कार्ड के आधार पर 90 दिन की अकुशल मजदूरी अलग से मिलती है, यह सहायता राशि का हिस्सा नहीं है।
शौचालय
लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान या MGNREGA से शौचालय बनाने की प्रोत्साहन राशि, अगर पहले से न मिली हो।
राशि और IAP जिलों की सूची
सहायता राशि सभी जिलों में एक जैसी नहीं है। समेकित कार्य योजना यानी IAP वाले जिलों में ₹10,000 ज्यादा मिलते हैं। यह वही व्यवस्था है जो PM आवास ग्रामीण में पहाड़ी और IAP जिलों के लिए है।
₹1,20,000
बिहार के सामान्य जिलों के लाभार्थी परिवारों के लिए।
₹1,30,000
समेकित कार्य योजना यानी IAP वाले 11 जिलों के परिवारों के लिए।
IAP में शामिल 11 जिले यह हैं। अपना जिला इस सूची में देख लें, क्योंकि इसी से आपकी कुल राशि तय होती है।
पात्रता और शर्तें
इस योजना की पात्रता PM आवास से थोड़ी अलग है, क्योंकि यह खास तौर पर छूटे हुए और पुराने आवास वाले परिवारों के लिए बनी है।
1996 वाली शर्त पर ध्यान दें। यह इस योजना की सबसे खास बात है। अगर आपके परिवार को बहुत पुरानी इंदिरा आवास जैसी योजना से घर मिला था और वह अब जर्जर है, तो नया आवास मांगने का रास्ता यही योजना खोलती है। पुरानी स्वीकृति के कागज मिल जाएं तो प्रखंड कार्यालय में साथ ले जाएं।
किश्त कैसे और कब मिलती है
राशि एक साथ नहीं आती। ₹1.20 लाख तीन बराबर किश्तों में जारी होता है, और हर किश्त निर्माण की एक तय स्टेज से जुड़ी होती है।
| किश्त | कब मिलती है | राशि |
|---|---|---|
| पहली | स्वीकृति के साथ | ₹40,000 |
| दूसरी | प्लिंथ स्तर का काम पूरा होने पर | ₹40,000 |
| तीसरी | छत डलने के बाद | ₹40,000 |
यहां एक बात ध्यान देने लायक है। PM आवास में पहली किश्त नींव का काम शुरू करने पर मिलती है, जबकि इस योजना में पहली किश्त स्वीकृति के साथ ही जारी हो जाती है। यानी काम शुरू करने से पहले पैसा हाथ में आ जाता है।
IAP जिलों का बंटवारा अलग हो सकता है। ऊपर वाली तालिका ₹1.20 लाख वाले सामान्य जिलों की है। जिन 11 जिलों में ₹1.30 लाख मिलते हैं, वहां किश्तों का बंटवारा थोड़ा अलग रहता है। अपने मामले की पुष्टि सिर्फ स्वीकृति पत्र से करें, किसी वेबसाइट या एजेंट की बात से नहीं।
किश्त रुकने की सबसे आम वजह बैंक खाते का आधार से सीड न होना है, क्योंकि DBT का पैसा उसी रास्ते आता है। दूसरी वजह निर्माण की स्टेज का सत्यापन बाकी होना है। खाते में पैसा न आए तो पहले बैंक से सीडिंग की पुष्टि करें, फिर पंचायत या प्रखंड कार्यालय से फाइल की स्थिति पूछें।
जरूरी दस्तावेज
फॉर्म भरने से पहले यह कागज तैयार रखें, इससे प्रखंड कार्यालय के चक्कर कम लगेंगे।
आवेदन कैसे करें
यह पूरी तरह ऑफलाइन प्रक्रिया है। इस योजना के लिए कोई नागरिक पोर्टल नहीं है जहां खुद फॉर्म भरा जा सके। आवेदन कागज पर होता है और प्रखंड कार्यालय में जमा होता है।
आवेदन पत्र लें
फॉर्म प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय या ग्रामीण विकास कार्यालय से बिल्कुल मुफ्त मिलता है। इसके लिए कोई शुल्क नहीं है।
फॉर्म ध्यान से भरें
जिले का नाम, आवेदक का नाम, पति या पिता का नाम, आयु, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी सही सही भरें।
दस्तावेज संलग्न करें
ऊपर बताए गए सभी कागजों की फोटोकॉपी फॉर्म के साथ लगाएं। नाम की स्पेलिंग हर कागज में एक जैसी होनी चाहिए।
वहीं जमा करें जहां से फॉर्म लिया था
फॉर्म उसी कार्यालय में जमा होता है जहां से लिया गया था। जमा करने की रसीद जरूर मांगें।
सत्यापन का इंतजार करें
अधिकारी दस्तावेजों और मौके की जांच करते हैं। पात्र पाए जाने पर स्वीकृति मिलती है और पहली किश्त जारी होती है।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे न दें। फॉर्म, जमा करना और सत्यापन, तीनों मुफ्त हैं। कोई वेबसाइट या व्यक्ति इस योजना में "ऑनलाइन आवेदन" कराने के नाम पर पैसे या आधार OTP मांगे तो वह फर्जी है। शिकायत सीधे प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से करें।
मिलते जुलते नामों की उलझन
बिहार में आवास से जुड़ी कई योजनाएं हैं और उनके नाम काफी मिलते जुलते हैं। लोग अक्सर गलत योजना का फॉर्म भर देते हैं। नीचे तीनों का फर्क साफ किया गया है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना
घर बनाने के लिए ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख। इसके लिए जमीन पहले से आपके नाम होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना
जिनके पास जमीन ही नहीं है, उन्हें कम से कम 3 डिसमिल जमीन खरीदने के लिए ₹1 लाख तक की मदद। यह घर बनाने की राशि नहीं है, सिर्फ जमीन खरीदने की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण
केंद्र सरकार की योजना, जिसमें रजिस्ट्रेशन AwaasPlus सर्वे से होता है और लिस्ट pmayg.dord.gov.in पर दिखती है।
सीधा नियम यह है। जमीन नहीं है तो पहले वास स्थल क्रय सहायता योजना का रास्ता देखें। जमीन है और घर बनाना है तो यह योजना या PM आवास, दोनों में से जिसमें पात्रता बने। दोनों का लाभ एक साथ नहीं मिलता।
PM Awas Yojana से फर्क
राशि लगभग बराबर है, लेकिन चयन का तरीका और आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह अलग है। यही सबसे बड़ा व्यावहारिक फर्क है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना
• बिहार सरकार की राज्य योजना
• ₹1.20 लाख, IAP जिलों में ₹1.30 लाख
• तीन किश्तें, हर एक ₹40,000
• पहली किश्त स्वीकृति के साथ ही
• आवेदन कागजी फॉर्म से, प्रखंड कार्यालय में
• SC, ST और अति पिछड़ा वर्ग पर केंद्रित
PM Awas Yojana Gramin
• केंद्र सरकार की योजना
• ₹1.20 लाख, पहाड़ी और IAP जिलों में ₹1.30 लाख
• तीन किश्तें, बंटवारा राज्य के हिसाब से
• पहली किश्त नींव के काम पर
• रजिस्ट्रेशन AwaasPlus सर्वे से
• SECC और सर्वे डेटा से चयन
दोनों में से किसमें आपका नाम है, यह पहले जांच लेना बेहतर है। PM आवास की सूची चेक करने का तरीका जानें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इस योजना में ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
PM आवास योजना का लाभ ले चुके हैं, क्या यह भी मिलेगा?
मेरा जिला IAP में है या नहीं, कैसे पता करें?
जमीन नहीं है, फिर भी आवेदन कर सकते हैं?
पहली किश्त आ गई पर दूसरी नहीं आ रही, क्या करें?
क्या यह योजना शहरी क्षेत्रों में भी लागू है?
मजदूरी के 90 दिन कैसे मिलते हैं?
आगे क्या करें
फॉर्म अपने प्रखंड कार्यालय से मुफ्त लें। साथ ही देख लें कि आपका नाम PM आवास की सूची में तो नहीं है।