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मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना - आवेदन, इंस्टॉलमेंट, योग्यता

July 23, 2026
9 min read

योजना क्या है

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना बिहार सरकार की आवास योजना है, जिसे ग्रामीण विकास विभाग चलाता है। यह 2018 में शुरू हुई थी। इसका मकसद उन ग्रामीण परिवारों तक पहुंचना है जो किसी न किसी वजह से केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सूची से छूट गए, या जिनका पुराना सरकारी आवास अब रहने लायक नहीं बचा।

शुरुआत वर्ष 2018
चलाने वाला विभाग ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार
सहायता राशि ₹1,20,000, और IAP जिलों में ₹1,30,000
घर का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर, रसोई घर सहित
आवेदन का तरीका ऑफलाइन, प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय से

क्या क्या मिलता है

इसमें सिर्फ निर्माण की राशि नहीं मिलती। कुछ और लाभ भी साथ जुड़े हुए हैं, जो अलग मदों से आते हैं।

₹1.20 लाख

निर्माण सहायता

घर बनाने के लिए मुख्य राशि, जो तीन किश्तों में सीधे आधार से लिंक बैंक खाते में DBT से आती है।

25 m²

कमरा और रसोई

कम से कम 25 वर्ग मीटर का आवास, जिसमें रहने का कमरा और एक स्वच्छ रसोई घर बनाना अनिवार्य है।

90 दिन

मजदूरी

जॉब कार्ड के आधार पर 90 दिन की अकुशल मजदूरी अलग से मिलती है, यह सहायता राशि का हिस्सा नहीं है।

₹12,000

शौचालय

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान या MGNREGA से शौचालय बनाने की प्रोत्साहन राशि, अगर पहले से न मिली हो।

राशि और IAP जिलों की सूची

सहायता राशि सभी जिलों में एक जैसी नहीं है। समेकित कार्य योजना यानी IAP वाले जिलों में ₹10,000 ज्यादा मिलते हैं। यह वही व्यवस्था है जो PM आवास ग्रामीण में पहाड़ी और IAP जिलों के लिए है।

₹1,20,000

बिहार के सामान्य जिलों के लाभार्थी परिवारों के लिए।

₹1,30,000

समेकित कार्य योजना यानी IAP वाले 11 जिलों के परिवारों के लिए।

IAP में शामिल 11 जिले यह हैं। अपना जिला इस सूची में देख लें, क्योंकि इसी से आपकी कुल राशि तय होती है।

अरवल
औरंगाबाद
गया
जमुई
जहानाबाद
कैमूर
मुंगेर
नवादा
पश्चिम चंपारण
रोहतास
सीतामढ़ी

पात्रता और शर्तें

इस योजना की पात्रता PM आवास से थोड़ी अलग है, क्योंकि यह खास तौर पर छूटे हुए और पुराने आवास वाले परिवारों के लिए बनी है।

आवेदक बिहार का मूल निवासी हो
परिवार बेघर हो, या मौजूदा घर जीर्ण शीर्ण हालत में हो
परिवार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अति पिछड़ा वर्ग से हो
जिनका घर 1 जनवरी 1996 से पहले किसी सरकारी आवास योजना के तहत बना था, वे पात्र हैं
जो किसी वजह से PM आवास योजना का लाभ नहीं ले पाए, वे भी पात्र हैं

1996 वाली शर्त पर ध्यान दें। यह इस योजना की सबसे खास बात है। अगर आपके परिवार को बहुत पुरानी इंदिरा आवास जैसी योजना से घर मिला था और वह अब जर्जर है, तो नया आवास मांगने का रास्ता यही योजना खोलती है। पुरानी स्वीकृति के कागज मिल जाएं तो प्रखंड कार्यालय में साथ ले जाएं।

किश्त कैसे और कब मिलती है

राशि एक साथ नहीं आती। ₹1.20 लाख तीन बराबर किश्तों में जारी होता है, और हर किश्त निर्माण की एक तय स्टेज से जुड़ी होती है।

किश्त कब मिलती है राशि
पहली स्वीकृति के साथ ₹40,000
दूसरी प्लिंथ स्तर का काम पूरा होने पर ₹40,000
तीसरी छत डलने के बाद ₹40,000

यहां एक बात ध्यान देने लायक है। PM आवास में पहली किश्त नींव का काम शुरू करने पर मिलती है, जबकि इस योजना में पहली किश्त स्वीकृति के साथ ही जारी हो जाती है। यानी काम शुरू करने से पहले पैसा हाथ में आ जाता है।

IAP जिलों का बंटवारा अलग हो सकता है। ऊपर वाली तालिका ₹1.20 लाख वाले सामान्य जिलों की है। जिन 11 जिलों में ₹1.30 लाख मिलते हैं, वहां किश्तों का बंटवारा थोड़ा अलग रहता है। अपने मामले की पुष्टि सिर्फ स्वीकृति पत्र से करें, किसी वेबसाइट या एजेंट की बात से नहीं।

किश्त रुकने की सबसे आम वजह बैंक खाते का आधार से सीड न होना है, क्योंकि DBT का पैसा उसी रास्ते आता है। दूसरी वजह निर्माण की स्टेज का सत्यापन बाकी होना है। खाते में पैसा न आए तो पहले बैंक से सीडिंग की पुष्टि करें, फिर पंचायत या प्रखंड कार्यालय से फाइल की स्थिति पूछें।

जरूरी दस्तावेज

फॉर्म भरने से पहले यह कागज तैयार रखें, इससे प्रखंड कार्यालय के चक्कर कम लगेंगे।

आधार कार्ड
बिहार का निवास या स्थायी प्रमाण पत्र
जाति प्रमाण पत्र
आयु प्रमाण पत्र
बैंक खाते की जानकारी, जो आधार से लिंक हो
भूमि से जुड़े दस्तावेज
BPL कार्ड, अगर बना हुआ है
पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर

आवेदन कैसे करें

यह पूरी तरह ऑफलाइन प्रक्रिया है। इस योजना के लिए कोई नागरिक पोर्टल नहीं है जहां खुद फॉर्म भरा जा सके। आवेदन कागज पर होता है और प्रखंड कार्यालय में जमा होता है।

1

आवेदन पत्र लें

फॉर्म प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय या ग्रामीण विकास कार्यालय से बिल्कुल मुफ्त मिलता है। इसके लिए कोई शुल्क नहीं है।

2

फॉर्म ध्यान से भरें

जिले का नाम, आवेदक का नाम, पति या पिता का नाम, आयु, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी सही सही भरें।

3

दस्तावेज संलग्न करें

ऊपर बताए गए सभी कागजों की फोटोकॉपी फॉर्म के साथ लगाएं। नाम की स्पेलिंग हर कागज में एक जैसी होनी चाहिए।

4

वहीं जमा करें जहां से फॉर्म लिया था

फॉर्म उसी कार्यालय में जमा होता है जहां से लिया गया था। जमा करने की रसीद जरूर मांगें।

5

सत्यापन का इंतजार करें

अधिकारी दस्तावेजों और मौके की जांच करते हैं। पात्र पाए जाने पर स्वीकृति मिलती है और पहली किश्त जारी होती है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे न दें। फॉर्म, जमा करना और सत्यापन, तीनों मुफ्त हैं। कोई वेबसाइट या व्यक्ति इस योजना में "ऑनलाइन आवेदन" कराने के नाम पर पैसे या आधार OTP मांगे तो वह फर्जी है। शिकायत सीधे प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से करें।

मिलते जुलते नामों की उलझन

बिहार में आवास से जुड़ी कई योजनाएं हैं और उनके नाम काफी मिलते जुलते हैं। लोग अक्सर गलत योजना का फॉर्म भर देते हैं। नीचे तीनों का फर्क साफ किया गया है।

यह पेज

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना

घर बनाने के लिए ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख। इसके लिए जमीन पहले से आपके नाम होनी चाहिए।

अलग योजना

मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना

जिनके पास जमीन ही नहीं है, उन्हें कम से कम 3 डिसमिल जमीन खरीदने के लिए ₹1 लाख तक की मदद। यह घर बनाने की राशि नहीं है, सिर्फ जमीन खरीदने की है।

केंद्र की योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण

केंद्र सरकार की योजना, जिसमें रजिस्ट्रेशन AwaasPlus सर्वे से होता है और लिस्ट pmayg.dord.gov.in पर दिखती है।

सीधा नियम यह है। जमीन नहीं है तो पहले वास स्थल क्रय सहायता योजना का रास्ता देखें। जमीन है और घर बनाना है तो यह योजना या PM आवास, दोनों में से जिसमें पात्रता बने। दोनों का लाभ एक साथ नहीं मिलता।

PM Awas Yojana से फर्क

राशि लगभग बराबर है, लेकिन चयन का तरीका और आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह अलग है। यही सबसे बड़ा व्यावहारिक फर्क है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना

• बिहार सरकार की राज्य योजना

• ₹1.20 लाख, IAP जिलों में ₹1.30 लाख

• तीन किश्तें, हर एक ₹40,000

• पहली किश्त स्वीकृति के साथ ही

• आवेदन कागजी फॉर्म से, प्रखंड कार्यालय में

• SC, ST और अति पिछड़ा वर्ग पर केंद्रित

PM Awas Yojana Gramin

• केंद्र सरकार की योजना

• ₹1.20 लाख, पहाड़ी और IAP जिलों में ₹1.30 लाख

• तीन किश्तें, बंटवारा राज्य के हिसाब से

• पहली किश्त नींव के काम पर

• रजिस्ट्रेशन AwaasPlus सर्वे से

• SECC और सर्वे डेटा से चयन

दोनों में से किसमें आपका नाम है, यह पहले जांच लेना बेहतर है। PM आवास की सूची चेक करने का तरीका जानें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इस योजना में ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
नहीं। इस योजना का आवेदन कागजी फॉर्म से होता है, जो प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय या ग्रामीण विकास कार्यालय से मुफ्त मिलता है। भरा हुआ फॉर्म उसी कार्यालय में जमा होता है। कोई नागरिक पोर्टल नहीं है जहां खुद रजिस्ट्रेशन किया जा सके।
PM आवास योजना का लाभ ले चुके हैं, क्या यह भी मिलेगा?
नहीं। यह योजना उन्हीं परिवारों के लिए है जो PM आवास से छूट गए हैं या जिनका बहुत पुराना सरकारी आवास अब जर्जर हो चुका है। एक ही परिवार को दोनों योजनाओं से नया घर नहीं मिलता।
मेरा जिला IAP में है या नहीं, कैसे पता करें?
IAP में 11 जिले हैं: अरवल, औरंगाबाद, गया, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, मुंगेर, नवादा, पश्चिम चंपारण, रोहतास और सीतामढ़ी। इनमें ₹1.30 लाख मिलते हैं, बाकी जिलों में ₹1.20 लाख। पुष्टि प्रखंड कार्यालय से कर लें।
जमीन नहीं है, फिर भी आवेदन कर सकते हैं?
घर बनाने के लिए अपनी जमीन जरूरी है। जमीन न होने पर पहले मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना देखें, जिसमें कम से कम 3 डिसमिल जमीन खरीदने के लिए अलग से सहायता मिलती है। जमीन हो जाने के बाद आवास के लिए आवेदन किया जा सकता है।
पहली किश्त आ गई पर दूसरी नहीं आ रही, क्या करें?
दूसरी किश्त प्लिंथ स्तर का काम पूरा होने और उसके सत्यापन के बाद जारी होती है। पहले पंचायत या प्रखंड कार्यालय से पूछें कि सत्यापन दर्ज हुआ या नहीं। साथ ही बैंक से पुष्टि करें कि खाता आधार से सीड है, क्योंकि DBT का पैसा उसी रास्ते आता है।
क्या यह योजना शहरी क्षेत्रों में भी लागू है?
नहीं, यह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है और इसे ग्रामीण विकास विभाग चलाता है। शहरी क्षेत्र के परिवार PM आवास योजना शहरी की तरफ देखें।
मजदूरी के 90 दिन कैसे मिलते हैं?
यह MGNREGA से जुड़ा लाभ है और आपके जॉब कार्ड के आधार पर मिलता है। यह सहायता राशि से अलग है। जॉब कार्ड न हो तो पहले ग्राम पंचायत में उसके लिए आवेदन करें।

आगे क्या करें

फॉर्म अपने प्रखंड कार्यालय से मुफ्त लें। साथ ही देख लें कि आपका नाम PM आवास की सूची में तो नहीं है।